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Kalam Aur Talwar -Class 10-Aalok Bhag 2 ( कलम और तलवार - रामधारी सिंह 'दिनकर'-Class 10-seba)

कलम और तलवार -Class 10-Aalok Bhag 2 (  कलम और तलवार -   रामधारी सिंह 'दिनकर'-Class 10-seba)  

KALAM AUR TALWAR
कलम और तलवार 

                                    

                                                             रामधारी सिंह 'दिनकर'
                                                                    (1908-1974)

राष्ट्रीयता भावनाओं के मुखर गायक कवि रामधारी सिंह 'दिनकर' का जन्म मुंगेर जिले के सिमरिया गाँव में सन् 1908 में हुआ था। इनकी प्रारंभिक शिक्षा ग्रामीण पाठशाला में हुई। पटना विश्वविद्यालय से सन् 1933 में आपने बी.ए. की डिग्री हासिल की। एक उच्च विद्यालय के प्रधानाचार्य से लेकर उप-रजिस्ट्रार, युद्ध प्रचार विभाग के उप-निदेशक, मुजफ्फरपुर के लंगट सिंह कॉलेज के हिन्दी विभागाध्यक्ष, भागलपुर विश्वविद्यालय के उपकुलपति, भारत सरकार के शिक्षा सलाहकार आदि पदों पर आपने कार्य किया। बाद में वे राज्यसभा के सदस्य मनोनीत किये गये। राष्ट्रीय सेवाओं के लिए आपको ‘पद्मभूषण' की उपाधि से सम्मानित किया गया। 'उर्वशी' महाकाव्य पर आपको ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला था। 1974 ई. में दिनकरजी का निधन हुआ।

बचपन से ही आप ने कविता लिखी थी। 'दिनकर' एक विचारक तथा गतिशील कवि थे। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के बाद दिनकर को राष्ट्रकवि के रूप में माना जाता है। रेणुका, हुँकार, रसवंती, सामधेनी, नील कुसुम, कुरुक्षेत्र, रश्मिरथी, उर्वशी, परशुराम की प्रतीक्षा, चक्रवाल आदि दिनकर जी की काव्य कृतियाँ हैं। दिनकरजी की भाषा सरल एवं स्पष्ट है। भावों के अनुकूल शब्दों के प्रयोग में आप निपुण हैं।

'कलम और तलवार' नामक प्रस्तुत कविता में राष्ट्रकवि दिनकर ने कलम और तलवार-दोनों की स्वतंत्र सत्ता तथा महत्ता पर प्रकाश डाला है। कलम ज्ञानशक्ति का तथा तलवार दैहिक शक्ति का प्रतीक है। एक ओर, जहाँ कलम के द्वारा मनुष्य ज्ञान का दीप जला सकता है तथा विचारों की शक्ति के द्वारा समाज में नयी चेतना पैदा कर सकता है; वहीं दूसरी ओर युद्ध में विजयी होने के लिए तथा हिंसक पशुओं से आत्मरक्षा हेतु तलवार की आवश्यकता पड़ती है।

      कलम और तलवार


दो में से क्या तुम्हें चाहिये, कलम या कि तलवार?
मन में ऊँचे भाव कि तन में शक्ति अजेय अपार?


अंध कक्ष में बेठ रचोगे ऊँचे, मीठे गान?
या तलवार पकड़ जीतोगे बाहर जा मैदान?
जला ज्ञान का दीप सिर्फ फैलाओगे उजियाली?
अथवा उठा कृपाण करोगे घर की भी रखवाली?


कलम देश की बड़ी शक्ति है भाव जगानेवाली,
दिल ही नहीं दिमागों में भी आग लगाने वाली।
पैदा करती है कलम विचारों के जलते अंगारे,
और प्रज्ज्वलित-प्राण देश क्या कभी मरेगा मारे?


लहू गर्म रखने को रखो मन में ज्वलित विचार
हिंस्र जीव से बचने को चाहिये किन्तु, तलवार।
एक भेद है और, जहाँ निर्भय होते नर-नारी,
कलम उगलती आग, जहाँ अक्षर बनते चिनगारी।


जहाँ मनुष्यों के भीतर हरदम जलते हैं शोले,
बाँहों में बिजली होती, होते दिमाग में गोले।
जहाँ लोग पालते लहू में हलाहल की धार,
क्या चिन्ता यदि वहाँ हाथ में हुई नहीं तलवार?

 (अभ्यासमाला)
*बोध एवं विचार

1. पूर्ण वाक्य में उत्तर दोः
(क) कलम किसका प्रतीक है?

उत्तर : कलम ज्ञान शक्ति का प्रतीक है।

(ख) तलवार किसका प्रतीक है?

उत्तर : तलवार दैहिक शक्ति का प्रतीक है।

(ग) संसार में कलम और तलवार में से किसकी शक्ति असीम है?

उत्तर : संसार में कलम और तलवार मं से कलम की शक्ति असीम है।

(घ) मीठे गान की सृष्टि किसके द्वारा होती है?

उत्तर : मीठे गान की सृष्टि कलम के द्वारा होती है।

(ङ) युद्ध किसके बल पर जीता जा सकता है?

उत्तर : युद्ध तलवार के बल पर जीता जा सकता है।

(च) किसमें विचारों की शक्ति होती है?

उत्तर :  कलम में विचारों की शक्ति होती है। 

2. अति संक्षिप्त उत्तर दो (लगभग 25 शबदों में):
(क) कलम हमारे किस काम आती है?

उत्तर : कलम देश की बड़ी शक्ति है, जो सबके मन भावों का संचार कर देते हैं। कलम के द्वारा मनुष्य ज्ञान का द्वीप जला सकता है तथा विचारों की शक्ति के द्वारा समाज में नयी चेतना पैदा कर सकता हैं।

(ख) तलवार की क्या उपयोगिता है?

उत्तर : तलवार में शारीरिक अपार शक्ति है। इसके द्वारा लड़ाई जीत सकते है, अपने घर की रखवाली कर सकते हैं। और हिंस्त्र जीव से बचाने के लिए भी तलवार की आवश्यकता हैं।

(ग) 'अंध कक्ष में बैठ रचोगे ऊँचे मीठे गान'-का आशय स्पष्ट कीजिए।

उत्तर : अंध कक्ष में बैठकर रचोगे उँचे मीठे गाने -- का आशय यह है कि कलम में इतनी शक्ति है, जिसके द्वारा लोग अंधकार कक्ष में बैठकर ऊँचे मीठे गान लिख सकते हैं।

(घ) कलम विचारों के अंगारे कैसे पैदा करती है?

उत्तर : कलम देश की बड़ी शक्ति है, वह लोगों के दिल ही नहीं दिमागों में विचारों के आग लगाकर जलते अंगरे पैदा करती है।

(ङ) अक्षर चिनगारी कैसे बनते हैं?

उत्तर : जब कलम ने लोगों के बीच विचारों के आग जलाते है, तब अक्षर इधर उधर विस्तारित होकर लोगों के दिल और दिमागों में ज्ञान का आग लगाते  हैं। इस तरह अक्षर चिनगारी बन जाते हैं।

3. संक्षेप में उत्तर दो (लगभग 50 शब्दों में):
(क) हाथों में शस्त्रास्त्र न होने पर भी कलम के द्वारा समाज में फैले भ्रष्टाचार अनाचार को कैसे दूर किया जा सकता है ?

उत्तर : कलम देश ही नही विश्व भर के एक बड़ी शक्ति है। विश्व के तमाम गोलावारुदो को शक्ति से भी आगे कलम है। इससे लोगों के वीच भाव का संचार होता है। यह मनुष्यों के भीतर हरदम ज्ञान की आग जलाते रहते हैं। इस तरह कलम की प्रताप से समाज में फैले भ्रष्टाचार यानी अज्ञानता दुर किया जा सकता है।

(ख) कलम और तलवार में से तुम क्या लेना पसंद करोगे और क्यों?

उत्तर : कलम और तलवार में से मैं कलम ही लेना पसन्द करूँगा। क्योंकि कलम एक बड़ी शक्ति है। कलम के समक्ष किसी भी शक्ति बाजी ले नही सकता। तलवार से केवल लड़ाई जीतना या आत्म रक्षा होती है। लेकिन कलम द्वारा लड़ाई की कु-प्रभावों रोक सकते है। कलम हर लोगों के भीतर ज्ञान की आग जलाते हैं। इसलिए मैं कलम ही लेना सपन्द करूँगा।

(ग) इस कविता से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?

उत्तर : इस कविता कलम और तलवार से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि कलम ज्ञान शक्ति का भंदार है, जिनके द्वारा सारी दुनिया क्षान की आलोक से आलोकित होते है। दूसरी ओर तलवार दैहिक शक्ति का भंदार है । जहाँ कलम समाज में नयी चेतना पैदा कर सकता है, वहाँ तलवार आत्म रक्षा पशु प्रवृत्ति की ओर बढ़ाया है।

4. सम्यक उत्तर दो (लगभग 100 शब्दों में):

(क) 'कलम और तलवार' कविता का सारांश लिखो।

उत्तर : 'कलम और तलवार' नामक प्रस्तुत कविता में राष्ट्रकवि दिनकर ने कलम और तलवार-दोनों की स्वतंत्र सत्ता तथा महत्ता पर प्रकाश डाला है। कलम ज्ञान शक्ति का तथा तलवार दैहिक शक्ति का प्रतीक है। एक ओर, जहाँ कलम के द्वारा मनुष्य ज्ञान का दीप जला सकता है तथा विचारों की शक्ति के द्वारा समाज में नयी चेतना पैदा कर सकता है; वहीं दूसरी ओर युद्ध में विजयी होने के लिए तथा हिंसक पशुओं से आत्मरक्षा हेतु तलवार की आवश्यकता पड़ती है। 

(ख) कलम और तलवार में किसकी शक्ति अधिक है? तर्क सहित अपना विचार प्रस्तुत करो ?

उत्तर : कलम.और तलवार में कलम की शक्ति अधिक है। क्योंकि कलम के द्वारा मनुष्य ज्ञान का दीप जला सकता है तथा विचारों की शक्ति के द्वारा समाज में नयी चेतना पैदा कर सकता है। अर्थात समाज से अक्षानत दूर कर सकता है। किन्तु तलवार द्वारा दैहिक शक्ति का दर्शन ही होता है। जिसके वल पर हिंसक पशुओं से आत्म रक्षा होता है।
          जहाँ कलम दिल तथा दिमागों में आग लगाती है, अर्थात भाव और विचारों की पैदा करती है, वहीं तलवार केवल लहु गर्म कराती है। इसी दृष्टि से कलम में तलवार से अधिक शक्ति है।

5. सप्रसंग व्याख्या करो:
(क) अंध कक्ष में बैठ रचोगे ऊँचे मीठे गान?
या तलवार पकड़ जीतोगे बाहर जा मैदान?

उत्तर : प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाथ्यपुस्तक 'आलोक के अंतर्गत कलम और तलवार शीर्षक कविता से लिया गया है। यँहा कवि दिनकर जी कलम और तलवार दोनों की स्वतंत्र सत्ता तथा महत्त प्रकाश डाला है।
      कवि रामधारी सिंह दिनकर जी कलम की महत्ता प्रकाश करते हुए कहा है कि कलम के द्वारा (अर्थात ज्ञान के द्वारा) अंधकार कक्ष में बैठकर मधुर ग्यान रचना किया जा सकता है। दूसरी ओर हाथ में तलवार धारण का बाहर जाकर लड़ाई जीता जा सकता है। इन दोनें में से हमें क्या पसंद है, यह सवाल हमारे समक्ष खड़ा किये हैं।
        यहाँ दिनकर जी कलम की ज्ञान शक्ति का तथा तलवार को दैहिक शक्ति का प्रतीक रुप में प्रस्तुत किया है।

(ख) लहू गर्म रखने को रखो मन में ज्वलित विचार,
हिंस्र जीव से बचने को चाहिए किंतु, तलवार।

उत्तर :  प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाथ्यपुस्तक 'आलोक' के अंतर्गत कलम और तलवार शीर्षक कविता से लिया गया है। यहा कवि तलवार की शक्ति के बारेमें बताया है।
      कवि दिनकर जी ने तलवार की आवश्यकता का वर्ण करते। हुए कहा कि खुन को गर्म रखने के लिए मन में ज्वलित विचार रहना चाहिए। जहा कलम शांत स्वाभाव से लोगों को ज्ञान प्रदान किया है, मनोविचार का शस्ति पदान किया है, वहाँ तलवार का भी आवश्यक ही है, देश की रक्षा तथा हिस्त्र जीव से अपने को बचाव के लिए तलवार का आवश्यक है।


(ग) जहाँ लोग पालते लहू में हलाहल की धार,क्या चिंता यदि वहाँ हाथ में हुई नहीं तलवार?

उत्तर : You will get soon.

*भाषा एवं व्याकरण ज्ञान
1. निम्नांकित शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखो :
घर, तलवार, दीप, लहू, बिजली, तन, अपार, शक्ति

उत्तर : घर = मकान, भवन

तलवार=कृपाण ,असि 

दीप=दिया ,दीपक 

लहू=रक्त ,खुन 

विजली=चपला, दामिनी

तन=शरीर, देह, काया

अपार=असीम, सोमाहीन

शक्ति=ताकत, बल


2. एक ही शब्द के कई-कई अर्थ होते हैं : इन्हें 'अनेकार्थी शब्द' कहते हैं।
यथा- 'पानी' के चार अर्थ होते हैं- जल, शान, चमक और प्रतिष्ठा।
निम्नांकित शब्दों के दो-दो अर्थ लिखो
कलम, कक्षा, मैदान, अक्षर


उत्तर :कलम -  लेखनि ,आइटम।

     
कक्षा  - श्रेणी ,परिधि। 

मैदान -  रणभूमि ,किसी वस्तु का विस्तार।

अक्षर -   -वर्ण ,हरफ ,ब्रह्मा आत्मा। 





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